भारत में सोने को लेकर लोगों का नजरिया अब पूरी तरह बदल चुका है। कभी मजबूरी और ‘लोक-लाज’ के डर से लिया जाने वाला गोल्ड लोन अब अमीरों और बड़े बिजनेस घरानों का पसंदीदा फाइनेंसिंग टूल बन गया है। अब लोग घर के गहने सिर्फ मुश्किल वक्त के लिए नहीं, बल्कि बिजनेस बढ़ाने और नए निवेश के लिए गिरवी रख रहे हैं। हालिया आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जो बताते हैं कि 5 लाख रुपये से ज्यादा के गोल्ड लोन की डिमांड में भारी उछाल आया है और यह कुल लोन मार्केट का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा बन चुका है।
5 लाख से ज्यादा वाले लोन में जबरदस्त उछालक्रिफ हाई मार्क (CRIF High Mark) के हालिया आंकड़ों ने इस बदलाव पर मुहर लगा दी है। दिसंबर 2025 तक के डेटा के मुताबिक, 5 लाख रुपये से ज्यादा के गोल्ड लोन की हिस्सेदारी दो साल पहले के 17.7 फीसदी से बढ़कर 36.5 फीसदी हो गई है। यानी दो साल में यह दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है। वहीं, छोटे लोन (1 लाख से कम) लेने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। दो साल पहले जहां 25.4 फीसदी लोग छोटा लोन लेते थे, अब उनकी हिस्सेदारी घटकर महज 12.3 फीसदी रह गई है। यह साफ दिखाता है कि अब अमीर कर्जदार बिजनेस और बड़े निवेश के लिए सोने का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अमीरों के बीच गोल्ड लोन का बढ़ता क्रेजक्रेडिट स्कोर कंपनी ‘एक्सपेरियन’ की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है। रिपोर्ट के अनुसार, 3 लाख रुपये से ज्यादा के लोन लेने वालों का शेयर एक साल में 44 फीसदी से बढ़कर 56 फीसदी हो गया है। बैंकों और NBFC के जरिए दिए गए गोल्ड लोन में सालाना 44 फीसदी की भारी ग्रोथ देखी गई है, जो अब 16.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आज भारत के कुल रिटेल लोन मार्केट में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 10 फीसदी हो चुकी है। जानकारों का मानना है कि सोने की बढ़ती कीमतों ने लोगों को अपने गहनों के बदले ज्यादा पैसा उधार लेने की ताकत दी है, जिससे यह सेगमेंट तेजी से भाग रहा है।
उत्तर प्रदेश गोल्ड लोन लेने में नंबर वनदिलचस्प बात यह है कि गोल्ड लोन लेने के मामले में उत्तर प्रदेश ने सबको पीछे छोड़ दिया है। यूपी में गोल्ड लोन मार्केट में 68 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद राजस्थान (56 फीसदी) और तेलंगाना (55 फीसदी) का नंबर आता है। खास बात यह है कि लोन लेने वालों की संख्या बढ़ने के बावजूद पोर्टफोलियो की क्वालिटी सुधरी है, यानी लोग समय पर कर्ज चुका रहे हैं। केरल इस मामले में सबसे सुरक्षित राज्य बना हुआ है। सरकारी बैंक अभी भी सबसे ज्यादा लोन बांट रहे हैं, हालांकि प्राइवेट कंपनियों (NBFC) ने भी अब मार्केट के आधे हिस्से पर कब्जा जमा लिया है।