भारत में किसी भी बच्चे के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान हो गई है। सरकार के नए नियमों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे के लिए अलग पासपोर्ट होना अनिवार्य है। अब बच्चे का नाम माता या पिता के पासपोर्ट में जोड़ना मान्य नहीं है।
नाबालिग का पासपोर्ट केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनुमति से ही जारी किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन की जा सकती है और दस्तावेज़ों की जांच के बाद पासपोर्ट प्रदान किया जाता है।
नाबालिग किसे माना जाता है?भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को पासपोर्ट आवेदन के लिए नाबालिग माना जाता है। नाबालिग को 36 पेज की पासपोर्ट बुकलेट दी जाती है। यह पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़ होता है।
नाबालिग के पासपोर्ट के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति अनिवार्य होती है और सत्यापन के समय उनका उपस्थित रहना जरूरी होता है।
नाबालिग पासपोर्ट की वैधतानाबालिग पासपोर्ट की वैधता उम्र के अनुसार तय की जाती है:
10 साल की वैधता वाले पासपोर्ट की फीस अधिक होती है और इसके लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजपासपोर्ट आवेदन से पहले निम्न दस्तावेज़ तैयार रखें:
नाबालिग के पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया निम्न प्रकार है:
निर्धारित तारीख पर बच्चे को माता-पिता या अभिभावक के साथ केंद्र पर जाना होगा।
पुलिस सत्यापन प्रक्रियायदि पासपोर्ट 18 वर्ष की उम्र तक वैधता के लिए आवेदन किया गया है, तो पुलिस सत्यापन आवश्यक नहीं भी हो सकता है। लेकिन 15 से 18 वर्ष के बच्चों द्वारा 10 साल की वैधता वाला पासपोर्ट बनवाने पर पुलिस सत्यापन जरूरी होता है।
यह प्रक्रिया आवेदक की पहचान और पते की पुष्टि के लिए की जाती है।
महत्वपूर्ण बातेंनाबालिग पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ने माता-पिता के लिए काम को सरल बना दिया है। सही दस्तावेज़ और जानकारी के साथ कुछ ही चरणों में आवेदन किया जा सकता है।
यह प्रणाली समय की बचत करती है और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करती है। माता-पिता अपने बच्चे का पासपोर्ट बनवाकर भविष्य की यात्रा योजनाओं को आसानी से पूरा कर सकते हैं।